दैनिक पंचांग
गुरुवार, 20 नवंबर 2025
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | अमावस्या, 12:17 तक फिर शुक्ल प्रतिपदा, 21 नवंबर, 14:47 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा, 10:58 तक फिर अनुराधा, 21 नवंबर, 13:55 तक |
| योग | शोभन, 09:52 तक फिर अतिगंड, 21 नवंबर, 10:43 तक |
| करण | नाग, 12:17 तक फिर किंस्तुघ्न, 21 नवंबर, 01:33 तक फिर बव, 21 नवंबर, 14:47 तक |
| वार | गुरुवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:47 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:25 |
| चंद्रोदय | 21 नवंबर, 07:43 |
| चंद्रास्त | 17:12 |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| चंद्र राशि | वृश्चिक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | कार्तिक |
| मास (पूर्णिमांत) | मार्गशीर्ष |
| विक्रम संवत | 2082 |
| शक संवत | 1947 · विश्वावसु |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 13:26 – 14:46 |
|---|---|
| यमगंड | 06:47 – 08:07 |
| गुलिक काल | 09:27 – 10:46 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:45 – 12:27 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| शुभ | 06:47 – 08:07 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 08:07 – 09:27 | त्यागें |
| उद्वेग | 09:27 – 10:46 | त्यागें |
| चर | 10:46 – 12:06 | सम |
| लाभ | 12:06 – 13:26 | शुभ |
| अमृत | 13:26 – 14:46 | शुभ |
| काल | 14:46 – 16:06 | त्यागें |
| शुभ | 16:06 – 17:25 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| अमृत | 17:25 – 19:06 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 19:06 – 20:46 | सम |
| रोग | 20:46 – 22:26 | त्यागें |
| काल | 22:26 – 00:07 | त्यागें |
| लाभ | 00:07 – 01:47 | शुभ |
| उद्वेग | 01:47 – 03:27 | त्यागें |
| शुभ | 03:27 – 05:07 | शुभ |
| अमृत | 05:07 – 06:48 | शुभ |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।