दैनिक पंचांग
मंगळवार, 27 ऑक्टोबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण प्रतिपदा, 07:02 पर्यंत नंतर कृष्ण द्वितीया, 28 ऑक्टोबर, 04:07 पर्यंत नंतर कृष्ण तृतीया, 29 ऑक्टोबर, 01:07 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | भरणी, 15:39 पर्यंत नंतर कृत्तिका, 28 ऑक्टोबर, 13:26 पर्यंत |
| योग | सिद्धी, 10:53 पर्यंत नंतर व्यतीपात, 28 ऑक्टोबर, 07:18 पर्यंत |
| करण | कौलव, 07:02 पर्यंत नंतर तैतिल, 17:36 पर्यंत नंतर गर, 28 ऑक्टोबर, 04:07 पर्यंत नंतर वणिज, 28 ऑक्टोबर, 14:37 पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:29 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:40 |
| चंद्रोदय | 18:18 |
| चंद्रास्त | 07:35 |
| सूर्य रास | तूळ |
| चंद्र रास | मेष, 21:06; नंतर वृषभ, 29 ऑक्टोबर, 22:06 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | आश्विन |
| महिना (पौर्णिमांत) | कार्तिक |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 14:52 – 16:16 |
|---|---|
| यमगंड | 09:17 – 10:40 |
| गुलिक काळ | 12:04 – 13:28 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 – 12:27 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| रोग | 06:29 – 07:53 | टाळा |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:53 – 09:17 | टाळा |
| चर | 09:17 – 10:40 | सम |
| लाभ | 10:40 – 12:04 | शुभ |
| अमृत | 12:04 – 13:28 | शुभ |
| काळ | 13:28 – 14:52 | टाळा |
| शुभ | 14:52 – 16:16 | शुभ |
| रोग | 16:16 – 17:40 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| काळ | 17:40 – 19:16 | टाळा |
|---|---|---|
| लाभ | 19:16 – 20:52 | शुभ |
| उद्वेग | 20:52 – 22:29 | टाळा |
| शुभ | 22:29 – 00:05 | शुभ |
| अमृत | 00:05 – 01:41 | शुभ |
| चर | 01:41 – 03:17 | सम |
| रोग | 03:17 – 04:53 | टाळा |
| काळ | 04:53 – 06:29 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.