दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 21 नवंबर 2025
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल प्रतिपदा, 14:47 तक फिर शुक्ल द्वितीया, 22 नवंबर, 17:11 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | अनुराधा, 13:55 तक फिर ज्येष्ठा, 22 नवंबर, 16:47 तक |
| योग | अतिगंड, 10:43 तक फिर सुकर्मा, 22 नवंबर, 11:29 तक |
| करण | बव, 14:47 तक फिर बालव, 22 नवंबर, 04:00 तक फिर कौलव, 22 नवंबर, 17:11 तक |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:48 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:25 |
| चंद्रोदय | 07:43 |
| चंद्रास्त | 17:55 |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| चंद्र राशि | वृश्चिक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | मार्गशीर्ष |
| मास (पूर्णिमांत) | मार्गशीर्ष |
| विक्रम संवत | 2082 |
| शक संवत | 1947 · विश्वावसु |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 10:47 – 12:06 |
|---|---|
| यमगंड | 14:46 – 16:05 |
| गुलिक काल | 08:07 – 09:27 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:45 – 12:28 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| चर | 06:48 – 08:07 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 08:07 – 09:27 | शुभ |
| अमृत | 09:27 – 10:47 | शुभ |
| काल | 10:47 – 12:06 | त्यागें |
| शुभ | 12:06 – 13:26 | शुभ |
| रोग | 13:26 – 14:46 | त्यागें |
| उद्वेग | 14:46 – 16:05 | त्यागें |
| चर | 16:05 – 17:25 | सम |
रात का चौघड़िया
| रोग | 17:25 – 19:05 | त्यागें |
|---|---|---|
| काल | 19:05 – 20:46 | त्यागें |
| लाभ | 20:46 – 22:26 | शुभ |
| उद्वेग | 22:26 – 00:07 | त्यागें |
| शुभ | 00:07 – 01:47 | शुभ |
| अमृत | 01:47 – 03:28 | शुभ |
| चर | 03:28 – 05:08 | सम |
| रोग | 05:08 – 06:49 | त्यागें |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।