दैनिक पंचांग
बुधवार, 26 नवंबर 2025
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल षष्ठी, 27 नवंबर, 00:02 तक फिर शुक्ल सप्तमी, 28 नवंबर, 00:30 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | श्रवण, 27 नवंबर, 01:33 तक फिर धनिष्ठा, 28 नवंबर, 02:32 तक |
| योग | वृद्धि, 12:42 तक फिर ध्रुव, 27 नवंबर, 12:09 तक |
| करण | कौलव, 11:34 तक फिर तैतिल, 27 नवंबर, 00:02 तक फिर गर, 27 नवंबर, 12:21 तक |
| वार | बुधवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:52 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:24 |
| चंद्रोदय | 11:40 |
| चंद्रास्त | 22:32 |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| चंद्र राशि | मकर |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | मार्गशीर्ष |
| मास (पूर्णिमांत) | मार्गशीर्ष |
| विक्रम संवत | 2082 |
| शक संवत | 1947 · विश्वावसु |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 12:08 – 13:27 |
|---|---|
| यमगंड | 08:11 – 09:30 |
| गुलिक काल | 10:49 – 12:08 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:47 – 12:29 (परंपरा में बुधवार को त्याज्य) |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| लाभ | 06:52 – 08:11 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 08:11 – 09:30 | शुभ |
| काल | 09:30 – 10:49 | त्यागें |
| शुभ | 10:49 – 12:08 | शुभ |
| रोग | 12:08 – 13:27 | त्यागें |
| उद्वेग | 13:27 – 14:46 | त्यागें |
| चर | 14:46 – 16:05 | सम |
| लाभ | 16:05 – 17:24 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| उद्वेग | 17:24 – 19:05 | त्यागें |
|---|---|---|
| शुभ | 19:05 – 20:46 | शुभ |
| अमृत | 20:46 – 22:27 | शुभ |
| चर | 22:27 – 00:08 | सम |
| रोग | 00:08 – 01:49 | त्यागें |
| काल | 01:49 – 03:30 | त्यागें |
| लाभ | 03:30 – 05:11 | शुभ |
| उद्वेग | 05:11 – 06:53 | त्यागें |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।