दैनिक पंचांग
बुधवार, 3 दिसंबर 2025
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल त्रयोदशी, 12:26 तक फिर शुक्ल चतुर्दशी, 4 दिसंबर, 08:38 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | भरणी, 18:00 तक फिर कृत्तिका, 4 दिसंबर, 14:54 तक |
| योग | परिघ, 16:57 तक फिर शिव, 4 दिसंबर, 12:34 तक |
| करण | तैतिल, 12:26 तक फिर गर, 22:33 तक फिर वणिज, 4 दिसंबर, 08:38 तक |
| वार | बुधवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:57 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:24 |
| चंद्रोदय | 15:43 |
| चंद्रास्त | 4 दिसंबर, 06:06 |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| चंद्र राशि | मेष, 23:14; फिर वृषभ, 5 दिसंबर, 22:15 तक तक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | मार्गशीर्ष |
| मास (पूर्णिमांत) | मार्गशीर्ष |
| विक्रम संवत | 2082 |
| शक संवत | 1947 · विश्वावसु |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 12:10 – 13:29 |
|---|---|
| यमगंड | 08:15 – 09:34 |
| गुलिक काल | 10:52 – 12:10 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:49 – 12:31 (परंपरा में बुधवार को त्याज्य) |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| लाभ | 06:57 – 08:15 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 08:15 – 09:34 | शुभ |
| काल | 09:34 – 10:52 | त्यागें |
| शुभ | 10:52 – 12:10 | शुभ |
| रोग | 12:10 – 13:29 | त्यागें |
| उद्वेग | 13:29 – 14:47 | त्यागें |
| चर | 14:47 – 16:05 | सम |
| लाभ | 16:05 – 17:24 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| उद्वेग | 17:24 – 19:05 | त्यागें |
|---|---|---|
| शुभ | 19:05 – 20:47 | शुभ |
| अमृत | 20:47 – 22:29 | शुभ |
| चर | 22:29 – 00:11 | सम |
| रोग | 00:11 – 01:53 | त्यागें |
| काल | 01:53 – 03:34 | त्यागें |
| लाभ | 03:34 – 05:16 | शुभ |
| उद्वेग | 05:16 – 06:58 | त्यागें |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।