दैनिक पंचांग
सोमवार, 9 मार्च 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण षष्ठी, 23:27 तक फिर कृष्ण सप्तमी, 11 मार्च, 01:54 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा, 16:11 तक फिर अनुराधा, 10 मार्च, 19:05 तक |
| योग | व्याघात, 07:35 तक फिर हर्षण, 10 मार्च, 08:21 तक |
| करण | गर, 10:17 तक फिर वणिज, 23:27 तक फिर विष्टि, 10 मार्च, 12:40 तक |
| वार | सोमवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:37 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:26 |
| चंद्रोदय | 10 मार्च, 00:04 |
| चंद्रास्त | 09:40 |
| सूर्य राशि | कुंभ |
| चंद्र राशि | तुला, 09:29; फिर वृश्चिक, 11 मार्च, 22:00 तक तक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | फाल्गुन |
| मास (पूर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2082 |
| शक संवत | 1947 · विश्वावसु |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 08:06 – 09:34 |
|---|---|
| यमगंड | 11:03 – 12:31 |
| गुलिक काल | 14:00 – 15:28 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:08 – 12:55 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 06:37 – 08:06 | शुभ |
|---|---|---|
| काल | 08:06 – 09:34 | त्यागें |
| शुभ | 09:34 – 11:03 | शुभ |
| रोग | 11:03 – 12:31 | त्यागें |
| उद्वेग | 12:31 – 14:00 | त्यागें |
| चर | 14:00 – 15:28 | सम |
| लाभ | 15:28 – 16:57 | शुभ |
| अमृत | 16:57 – 18:26 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| चर | 18:26 – 19:57 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 19:57 – 21:28 | त्यागें |
| काल | 21:28 – 23:00 | त्यागें |
| लाभ | 23:00 – 00:31 | शुभ |
| उद्वेग | 00:31 – 02:02 | त्यागें |
| शुभ | 02:02 – 03:33 | शुभ |
| अमृत | 03:33 – 05:05 | शुभ |
| चर | 05:05 – 06:36 | सम |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।