दैनिक पंचांग
बुधवार, 11 मार्च 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण अष्टमी, 12 मार्च, 04:19 तक फिर कृष्ण नवमी, 13 मार्च, 06:29 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | ज्येष्ठा, 22:00 तक फिर मूल, 13 मार्च, 00:43 तक |
| योग | वज्र, 09:12 तक फिर सिद्धि, 12 मार्च, 09:58 तक |
| करण | बालव, 15:08 तक फिर कौलव, 12 मार्च, 04:19 तक फिर तैतिल, 12 मार्च, 17:27 तक |
| वार | बुधवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:35 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:27 |
| चंद्रोदय | 12 मार्च, 01:54 |
| चंद्रास्त | 11:06 |
| सूर्य राशि | कुंभ |
| चंद्र राशि | वृश्चिक, 22:00; फिर धनु, 14 मार्च, 09:33 तक तक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | फाल्गुन |
| मास (पूर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2082 |
| शक संवत | 1947 · विश्वावसु |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 12:31 – 14:00 |
|---|---|
| यमगंड | 08:04 – 09:33 |
| गुलिक काल | 11:02 – 12:31 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:07 – 12:55 (परंपरा में बुधवार को त्याज्य) |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| लाभ | 06:35 – 08:04 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 08:04 – 09:33 | शुभ |
| काल | 09:33 – 11:02 | त्यागें |
| शुभ | 11:02 – 12:31 | शुभ |
| रोग | 12:31 – 14:00 | त्यागें |
| उद्वेग | 14:00 – 15:29 | त्यागें |
| चर | 15:29 – 16:58 | सम |
| लाभ | 16:58 – 18:27 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| उद्वेग | 18:27 – 19:58 | त्यागें |
|---|---|---|
| शुभ | 19:58 – 21:29 | शुभ |
| अमृत | 21:29 – 22:59 | शुभ |
| चर | 22:59 – 00:30 | सम |
| रोग | 00:30 – 02:01 | त्यागें |
| काल | 02:01 – 03:32 | त्यागें |
| लाभ | 03:32 – 05:03 | शुभ |
| उद्वेग | 05:03 – 06:34 | त्यागें |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।