दैनिक पंचांग
मंगलवार, 31 मार्च 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल त्रयोदशी, 06:56 तक फिर शुक्ल चतुर्दशी, 1 अप्रैल, 07:06 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी, 15:21 तक फिर उत्तरा फाल्गुनी, 1 अप्रैल, 16:17 तक |
| योग | गंड, 15:41 तक फिर वृद्धि, 1 अप्रैल, 14:50 तक |
| करण | तैतिल, 06:56 तक फिर गर, 18:58 तक फिर वणिज, 1 अप्रैल, 07:06 तक |
| वार | मंगलवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:12 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:38 |
| चंद्रोदय | 17:09 |
| चंद्रास्त | 1 अप्रैल, 05:32 |
| सूर्य राशि | मीन |
| चंद्र राशि | सिंह, 21:32; फिर कन्या, 3 अप्रैल, 06:28 तक तक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | चैत्र |
| मास (पूर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 15:32 – 17:05 |
|---|---|
| यमगंड | 09:19 – 10:52 |
| गुलिक काल | 12:25 – 13:58 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 – 12:50 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| रोग | 06:12 – 07:45 | त्यागें |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:45 – 09:19 | त्यागें |
| चर | 09:19 – 10:52 | सम |
| लाभ | 10:52 – 12:25 | शुभ |
| अमृत | 12:25 – 13:58 | शुभ |
| काल | 13:58 – 15:32 | त्यागें |
| शुभ | 15:32 – 17:05 | शुभ |
| रोग | 17:05 – 18:38 | त्यागें |
रात का चौघड़िया
| काल | 18:38 – 20:05 | त्यागें |
|---|---|---|
| लाभ | 20:05 – 21:31 | शुभ |
| उद्वेग | 21:31 – 22:58 | त्यागें |
| शुभ | 22:58 – 00:24 | शुभ |
| अमृत | 00:24 – 01:51 | शुभ |
| चर | 01:51 – 03:18 | सम |
| रोग | 03:18 – 04:44 | त्यागें |
| काल | 04:44 – 06:11 | त्यागें |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।