जन्म कुण्डली Janma Kundli

दैनिक पंचांग

बुधवार, 1 अप्रैल 2026

New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata

पंचांग के पांच अंग

सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।

तिथि
शुक्ल चतुर्दशी, 07:06 तक
फिर पूर्णिमा, 2 अप्रैल, 07:42 तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 16:17 तक
फिर हस्त, 2 अप्रैल, 17:38 तक
योग
वृद्धि, 14:50 तक
फिर ध्रुव, 2 अप्रैल, 14:19 तक
करण
वणिज, 07:06 तक
फिर विष्टि, 19:21 तक
फिर बव, 2 अप्रैल, 07:42 तक
वार
बुधवार

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:11
सूर्यास्त18:39
चंद्रोदय18:06
चंद्रास्त2 अप्रैल, 06:01
सूर्य राशिमीन
चंद्र राशिकन्या

हिंदू पंचांग

पक्षशुक्ल
मास (अमांत)चैत्र
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
विक्रम संवत2083
शक संवत1948 · पराभव

शुभ और अशुभ समय

राहु काल12:25 – 13:58
यमगंड07:44 – 09:18
गुलिक काल10:51 – 12:25
अभिजित मुहूर्त12:00 – 12:50 (परंपरा में बुधवार को त्याज्य)

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।

दिन का चौघड़िया

लाभ06:11 – 07:44शुभ
अमृत07:44 – 09:18शुभ
काल09:18 – 10:51त्यागें
शुभ10:51 – 12:25शुभ
रोग12:25 – 13:58त्यागें
उद्वेग13:58 – 15:32त्यागें
चर15:32 – 17:05सम
लाभ17:05 – 18:39शुभ

रात का चौघड़िया

उद्वेग18:39 – 20:05त्यागें
शुभ20:05 – 21:31शुभ
अमृत21:31 – 22:58शुभ
चर22:58 – 00:24सम
रोग00:24 – 01:51त्यागें
काल01:51 – 03:17त्यागें
लाभ03:17 – 04:43शुभ
उद्वेग04:43 – 06:10त्यागें

समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।