जन्म कुण्डली Janma Kundli

दैनिक पंचांग

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata

पंचांग के पांच अंग

सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।

तिथि
कृष्ण प्रतिपदा, 08:42 तक
फिर कृष्ण द्वितीया, 4 अप्रैल, 10:09 तक
नक्षत्र
चित्रा, 19:25 तक
फिर स्वाति, 4 अप्रैल, 21:35 तक
योग
व्याघात, 14:08 तक
फिर हर्षण, 4 अप्रैल, 14:17 तक
करण
कौलव, 08:42 तक
फिर तैतिल, 21:23 तक
फिर गर, 4 अप्रैल, 10:09 तक
वार
शुक्रवार

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:09
सूर्यास्त18:40
चंद्रोदय19:59
चंद्रास्त06:30
सूर्य राशिमीन
चंद्र राशिकन्या, 06:28; फिर तुला, 5 अप्रैल, 17:28 तक तक

हिंदू पंचांग

पक्षकृष्ण
मास (अमांत)चैत्र
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
विक्रम संवत2083
शक संवत1948 · पराभव

शुभ और अशुभ समय

राहु काल10:50 – 12:24
यमगंड15:32 – 17:06
गुलिक काल07:42 – 09:16
अभिजित मुहूर्त11:59 – 12:49

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।

दिन का चौघड़िया

चर06:09 – 07:42सम
लाभ07:42 – 09:16शुभ
अमृत09:16 – 10:50शुभ
काल10:50 – 12:24त्यागें
शुभ12:24 – 13:58शुभ
रोग13:58 – 15:32त्यागें
उद्वेग15:32 – 17:06त्यागें
चर17:06 – 18:40सम

रात का चौघड़िया

रोग18:40 – 20:06त्यागें
काल20:06 – 21:32त्यागें
लाभ21:32 – 22:58शुभ
उद्वेग22:58 – 00:24त्यागें
शुभ00:24 – 01:50शुभ
अमृत01:50 – 03:15शुभ
चर03:15 – 04:41सम
रोग04:41 – 06:07त्यागें

समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।