दैनिक पंचांग
सोमवार, 13 अप्रैल 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण एकादशी, 14 अप्रैल, 01:09 तक फिर कृष्ण द्वादशी, 15 अप्रैल, 00:12 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | धनिष्ठा, 16:03 तक फिर शतभिषा, 14 अप्रैल, 16:06 तक |
| योग | शुभ, 17:16 तक फिर शुक्ल, 14 अप्रैल, 15:39 तक |
| करण | बव, 13:19 तक फिर बालव, 14 अप्रैल, 01:09 तक फिर कौलव, 14 अप्रैल, 12:46 तक |
| वार | सोमवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:57 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:45 |
| चंद्रोदय | 14 अप्रैल, 03:48 |
| चंद्रास्त | 14:37 |
| सूर्य राशि | मीन |
| चंद्र राशि | कुंभ |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | चैत्र |
| मास (पूर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 07:33 – 09:09 |
|---|---|
| यमगंड | 10:45 – 12:21 |
| गुलिक काल | 13:57 – 15:33 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:56 – 12:47 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 05:57 – 07:33 | शुभ |
|---|---|---|
| काल | 07:33 – 09:09 | त्यागें |
| शुभ | 09:09 – 10:45 | शुभ |
| रोग | 10:45 – 12:21 | त्यागें |
| उद्वेग | 12:21 – 13:57 | त्यागें |
| चर | 13:57 – 15:33 | सम |
| लाभ | 15:33 – 17:09 | शुभ |
| अमृत | 17:09 – 18:45 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| चर | 18:45 – 20:09 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 20:09 – 21:33 | त्यागें |
| काल | 21:33 – 22:57 | त्यागें |
| लाभ | 22:57 – 00:21 | शुभ |
| उद्वेग | 00:21 – 01:45 | त्यागें |
| शुभ | 01:45 – 03:09 | शुभ |
| अमृत | 03:09 – 04:32 | शुभ |
| चर | 04:32 – 05:56 | सम |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।