दैनिक पंचांग
मंगलवार, 14 अप्रैल 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण द्वादशी, 15 अप्रैल, 00:12 तक फिर कृष्ण त्रयोदशी, 15 अप्रैल, 22:31 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | शतभिषा, 16:06 तक फिर पूर्वा भाद्रपद, 15 अप्रैल, 15:22 तक |
| योग | शुक्ल, 15:39 तक फिर ब्रह्म, 15 अप्रैल, 13:25 तक |
| करण | कौलव, 12:46 तक फिर तैतिल, 15 अप्रैल, 00:12 तक फिर गर, 15 अप्रैल, 11:27 तक |
| वार | मंगलवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:56 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:46 |
| चंद्रोदय | 15 अप्रैल, 04:20 |
| चंद्रास्त | 15:37 |
| सूर्य राशि | मीन |
| चंद्र राशि | कुंभ |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | चैत्र |
| मास (पूर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 15:34 – 17:10 |
|---|---|
| यमगंड | 09:09 – 10:45 |
| गुलिक काल | 12:21 – 13:57 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:56 – 12:47 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| रोग | 05:56 – 07:33 | त्यागें |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:33 – 09:09 | त्यागें |
| चर | 09:09 – 10:45 | सम |
| लाभ | 10:45 – 12:21 | शुभ |
| अमृत | 12:21 – 13:57 | शुभ |
| काल | 13:57 – 15:34 | त्यागें |
| शुभ | 15:34 – 17:10 | शुभ |
| रोग | 17:10 – 18:46 | त्यागें |
रात का चौघड़िया
| काल | 18:46 – 20:10 | त्यागें |
|---|---|---|
| लाभ | 20:10 – 21:33 | शुभ |
| उद्वेग | 21:33 – 22:57 | त्यागें |
| शुभ | 22:57 – 00:21 | शुभ |
| अमृत | 00:21 – 01:44 | शुभ |
| चर | 01:44 – 03:08 | सम |
| रोग | 03:08 – 04:32 | त्यागें |
| काल | 04:32 – 05:55 | त्यागें |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।