दैनिक पंचांग
गुरुवार, 16 अप्रैल 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण चतुर्दशी, 20:11 तक फिर अमावस्या, 17 अप्रैल, 17:21 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपद, 13:59 तक फिर रेवती, 17 अप्रैल, 12:02 तक |
| योग | इंद्र, 10:37 तक फिर वैधृति, 17 अप्रैल, 07:21 तक |
| करण | विष्टि, 09:26 तक फिर शकुनि, 20:11 तक फिर चतुष्पद, 17 अप्रैल, 06:50 तक |
| वार | गुरुवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:54 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:47 |
| चंद्रोदय | 17 अप्रैल, 05:25 |
| चंद्रास्त | 17:43 |
| सूर्य राशि | मेष |
| चंद्र राशि | मीन |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | चैत्र |
| मास (पूर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 13:57 – 15:34 |
|---|---|
| यमगंड | 05:54 – 07:31 |
| गुलिक काल | 09:07 – 10:44 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:55 – 12:46 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| शुभ | 05:54 – 07:31 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 07:31 – 09:07 | त्यागें |
| उद्वेग | 09:07 – 10:44 | त्यागें |
| चर | 10:44 – 12:21 | सम |
| लाभ | 12:21 – 13:57 | शुभ |
| अमृत | 13:57 – 15:34 | शुभ |
| काल | 15:34 – 17:11 | त्यागें |
| शुभ | 17:11 – 18:47 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| अमृत | 18:47 – 20:10 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 20:10 – 21:34 | सम |
| रोग | 21:34 – 22:57 | त्यागें |
| काल | 22:57 – 00:20 | त्यागें |
| लाभ | 00:20 – 01:43 | शुभ |
| उद्वेग | 01:43 – 03:07 | त्यागें |
| शुभ | 03:07 – 04:30 | शुभ |
| अमृत | 04:30 – 05:53 | शुभ |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।