जन्म कुण्डली Janma Kundli

दैनिक पंचांग

सोमवार, 20 अप्रैल 2026

New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata

पंचांग के पांच अंग

सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।

तिथि
शुक्ल तृतीया, 07:28 तक
फिर शुक्ल चतुर्थी, 21 अप्रैल, 04:15 तक
फिर शुक्ल पंचमी, 22 अप्रैल, 01:20 तक
नक्षत्र
रोहिणी, 21 अप्रैल, 02:08 तक
फिर मृगशिरा, 21 अप्रैल, 23:58 तक
योग
सौभाग्य, 16:11 तक
फिर शोभन, 21 अप्रैल, 12:31 तक
करण
गर, 07:28 तक
फिर वणिज, 17:49 तक
फिर विष्टि, 21 अप्रैल, 04:15 तक
फिर बव, 21 अप्रैल, 14:45 तक
वार
सोमवार

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय05:50
सूर्यास्त18:49
चंद्रोदय07:39
चंद्रास्त22:25
सूर्य राशिमेष
चंद्र राशिवृषभ

हिंदू पंचांग

पक्षशुक्ल
मास (अमांत)वैशाख
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
विक्रम संवत2083
शक संवत1948 · पराभव

शुभ और अशुभ समय

राहु काल07:28 – 09:05
यमगंड10:42 – 12:20
गुलिक काल13:57 – 15:35
अभिजित मुहूर्त11:54 – 12:46

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।

दिन का चौघड़िया

अमृत05:50 – 07:28शुभ
काल07:28 – 09:05त्यागें
शुभ09:05 – 10:42शुभ
रोग10:42 – 12:20त्यागें
उद्वेग12:20 – 13:57त्यागें
चर13:57 – 15:35सम
लाभ15:35 – 17:12शुभ
अमृत17:12 – 18:49शुभ

रात का चौघड़िया

चर18:49 – 20:12सम
रोग20:12 – 21:34त्यागें
काल21:34 – 22:57त्यागें
लाभ22:57 – 00:19शुभ
उद्वेग00:19 – 01:42त्यागें
शुभ01:42 – 03:04शुभ
अमृत03:04 – 04:27शुभ
चर04:27 – 05:49सम

समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।