जन्म कुण्डली Janma Kundli

दैनिक पंचांग

गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata

पंचांग के पांच अंग

सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।

तिथि
शुक्ल सप्तमी, 20:49 तक
फिर शुक्ल अष्टमी, 24 अप्रैल, 19:22 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु, 20:57 तक
फिर पुष्य, 24 अप्रैल, 20:14 तक
योग
सुकर्मा, 06:07 तक
फिर धृति, 24 अप्रैल, 03:32 तक
फिर शूल, 25 अप्रैल, 01:24 तक
करण
गर, 09:45 तक
फिर वणिज, 20:49 तक
फिर विष्टि, 24 अप्रैल, 08:01 तक
वार
गुरुवार

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय05:47
सूर्यास्त18:51
चंद्रोदय10:53
चंद्रास्त24 अप्रैल, 01:19
सूर्य राशिमेष
चंद्र राशिमिथुन, 15:13; फिर कर्क, 25 अप्रैल, 20:04 तक तक

हिंदू पंचांग

पक्षशुक्ल
मास (अमांत)वैशाख
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
विक्रम संवत2083
शक संवत1948 · पराभव

शुभ और अशुभ समय

राहु काल13:57 – 15:35
यमगंड05:47 – 07:25
गुलिक काल09:03 – 10:41
अभिजित मुहूर्त11:53 – 12:45

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।

दिन का चौघड़िया

शुभ05:47 – 07:25शुभ
रोग07:25 – 09:03त्यागें
उद्वेग09:03 – 10:41त्यागें
चर10:41 – 12:19सम
लाभ12:19 – 13:57शुभ
अमृत13:57 – 15:35शुभ
काल15:35 – 17:13त्यागें
शुभ17:13 – 18:51शुभ

रात का चौघड़िया

अमृत18:51 – 20:13शुभ
चर20:13 – 21:35सम
रोग21:35 – 22:57त्यागें
काल22:57 – 00:19त्यागें
लाभ00:19 – 01:41शुभ
उद्वेग01:41 – 03:02त्यागें
शुभ03:02 – 04:24शुभ
अमृत04:24 – 05:46शुभ

समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।