दैनिक पंचांग
गुरुवार, 30 अप्रैल 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल चतुर्दशी, 21:13 तक फिर पूर्णिमा, 1 मई, 22:53 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा, 1 मई, 02:16 तक फिर स्वाति, 2 मई, 04:35 तक |
| योग | वज्र, 20:55 तक फिर सिद्धि, 1 मई, 21:13 तक |
| करण | गर, 08:30 तक फिर वणिज, 21:13 तक फिर विष्टि, 1 मई, 10:00 तक |
| वार | गुरुवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:41 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:55 |
| चंद्रोदय | 17:51 |
| चंद्रास्त | 1 मई, 05:03 |
| सूर्य राशि | मेष |
| चंद्र राशि | कन्या, 13:14; फिर तुला, 3 मई, 00:30 तक तक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | वैशाख |
| मास (पूर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 13:57 – 15:37 |
|---|---|
| यमगंड | 05:41 – 07:20 |
| गुलिक काल | 08:59 – 10:39 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:52 – 12:45 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| शुभ | 05:41 – 07:20 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 07:20 – 08:59 | त्यागें |
| उद्वेग | 08:59 – 10:39 | त्यागें |
| चर | 10:39 – 12:18 | सम |
| लाभ | 12:18 – 13:57 | शुभ |
| अमृत | 13:57 – 15:37 | शुभ |
| काल | 15:37 – 17:16 | त्यागें |
| शुभ | 17:16 – 18:55 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| अमृत | 18:55 – 20:16 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 20:16 – 21:37 | सम |
| रोग | 21:37 – 22:57 | त्यागें |
| काल | 22:57 – 00:18 | त्यागें |
| लाभ | 00:18 – 01:38 | शुभ |
| उद्वेग | 01:38 – 02:59 | त्यागें |
| शुभ | 02:59 – 04:19 | शुभ |
| अमृत | 04:19 – 05:40 | शुभ |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।