दैनिक पंचांग
सोमवार, 4 मई 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण तृतीया, 5 मई, 05:24 तक फिर कृष्ण चतुर्थी, 6 मई, 07:51 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | अनुराधा, 09:58 तक फिर ज्येष्ठा, 5 मई, 12:54 तक |
| योग | परिघ, 23:19 तक फिर शिव, 6 मई, 00:16 तक |
| करण | वणिज, 16:12 तक फिर विष्टि, 5 मई, 05:24 तक फिर बव, 5 मई, 18:38 तक |
| वार | सोमवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:37 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:58 |
| चंद्रोदय | 21:37 |
| चंद्रास्त | 06:56 |
| सूर्य राशि | मेष |
| चंद्र राशि | वृश्चिक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | वैशाख |
| मास (पूर्णिमांत) | ज्येष्ठ |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 07:17 – 08:58 |
|---|---|
| यमगंड | 10:38 – 12:18 |
| गुलिक काल | 13:58 – 15:38 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 – 12:44 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 05:37 – 07:17 | शुभ |
|---|---|---|
| काल | 07:17 – 08:58 | त्यागें |
| शुभ | 08:58 – 10:38 | शुभ |
| रोग | 10:38 – 12:18 | त्यागें |
| उद्वेग | 12:18 – 13:58 | त्यागें |
| चर | 13:58 – 15:38 | सम |
| लाभ | 15:38 – 17:18 | शुभ |
| अमृत | 17:18 – 18:58 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| चर | 18:58 – 20:18 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 20:18 – 21:37 | त्यागें |
| काल | 21:37 – 22:57 | त्यागें |
| लाभ | 22:57 – 00:17 | शुभ |
| उद्वेग | 00:17 – 01:37 | त्यागें |
| शुभ | 01:37 – 02:57 | शुभ |
| अमृत | 02:57 – 04:17 | शुभ |
| चर | 04:17 – 05:37 | सम |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।