दैनिक पंचांग
शनिवार, 30 मई 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल चतुर्दशी, 11:58 तक फिर पूर्णिमा, 31 मई, 14:15 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा, 13:20 तक फिर अनुराधा, 31 मई, 16:12 तक |
| योग | शिव, 31 मई, 05:24 तक |
| करण | वणिज, 11:58 तक फिर विष्टि, 31 मई, 01:05 तक फिर बव, 31 मई, 14:15 तक |
| वार | शनिवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:23 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:13 |
| चंद्रोदय | 18:35 |
| चंद्रास्त | 31 मई, 04:54 |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| चंद्र राशि | तुला, 06:38; फिर वृश्चिक, 1 जून, 19:08 तक तक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | ज्येष्ठ (अधिक) |
| मास (पूर्णिमांत) | ज्येष्ठ |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 08:51 – 10:35 |
|---|---|
| यमगंड | 14:02 – 15:46 |
| गुलिक काल | 05:23 – 07:07 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 – 12:46 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| काल | 05:23 – 07:07 | त्यागें |
|---|---|---|
| शुभ | 07:07 – 08:51 | शुभ |
| रोग | 08:51 – 10:35 | त्यागें |
| उद्वेग | 10:35 – 12:18 | त्यागें |
| चर | 12:18 – 14:02 | सम |
| लाभ | 14:02 – 15:46 | शुभ |
| अमृत | 15:46 – 17:29 | शुभ |
| काल | 17:29 – 19:13 | त्यागें |
रात का चौघड़िया
| लाभ | 19:13 – 20:29 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 20:29 – 21:46 | त्यागें |
| शुभ | 21:46 – 23:02 | शुभ |
| अमृत | 23:02 – 00:18 | शुभ |
| चर | 00:18 – 01:34 | सम |
| रोग | 01:34 – 02:51 | त्यागें |
| काल | 02:51 – 04:07 | त्यागें |
| लाभ | 04:07 – 05:23 | शुभ |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।