दैनिक पंचांग
सोमवार, 17 अगस्त 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल पंचमी, 17:00 तक फिर शुक्ल षष्ठी, 18 अगस्त, 17:51 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा, 18 अगस्त, 04:58 तक फिर स्वाति, 19 अगस्त, 06:47 तक |
| योग | शुभ, 18 अगस्त, 03:29 तक फिर शुक्ल, 19 अगस्त, 03:23 तक |
| करण | बालव, 17:00 तक फिर कौलव, 18 अगस्त, 05:20 तक फिर तैतिल, 18 अगस्त, 17:51 तक |
| वार | सोमवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:51 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:58 |
| चंद्रोदय | 10:17 |
| चंद्रास्त | 21:37 |
| सूर्य राशि | कर्क |
| चंद्र राशि | कन्या, 16:19; फिर तुला, 20 अगस्त, 02:30 तक तक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | श्रावण |
| मास (पूर्णिमांत) | श्रावण |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 07:29 – 09:08 |
|---|---|
| यमगंड | 10:46 – 12:25 |
| गुलिक काल | 14:03 – 15:42 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 – 12:51 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 05:51 – 07:29 | शुभ |
|---|---|---|
| काल | 07:29 – 09:08 | त्यागें |
| शुभ | 09:08 – 10:46 | शुभ |
| रोग | 10:46 – 12:25 | त्यागें |
| उद्वेग | 12:25 – 14:03 | त्यागें |
| चर | 14:03 – 15:42 | सम |
| लाभ | 15:42 – 17:20 | शुभ |
| अमृत | 17:20 – 18:58 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| चर | 18:58 – 20:20 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 20:20 – 21:42 | त्यागें |
| काल | 21:42 – 23:03 | त्यागें |
| लाभ | 23:03 – 00:25 | शुभ |
| उद्वेग | 00:25 – 01:46 | त्यागें |
| शुभ | 01:46 – 03:08 | शुभ |
| अमृत | 03:08 – 04:30 | शुभ |
| चर | 04:30 – 05:51 | सम |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।