दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 21 अगस्त 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल नवमी, 23:36 तक फिर शुक्ल दशमी, 23 अगस्त, 02:00 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | अनुराधा, 11:53 तक फिर ज्येष्ठा, 22 अगस्त, 14:49 तक |
| योग | वैधृति, 22 अगस्त, 05:18 तक फिर विष्कुंभ, 23 अगस्त, 06:14 तक |
| करण | बालव, 10:26 तक फिर कौलव, 23:36 तक फिर तैतिल, 22 अगस्त, 12:48 तक |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:53 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:55 |
| चंद्रोदय | 14:07 |
| चंद्रास्त | 22 अगस्त, 00:14 |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र राशि | वृश्चिक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | श्रावण |
| मास (पूर्णिमांत) | श्रावण |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 10:46 – 12:24 |
|---|---|
| यमगंड | 15:39 – 17:17 |
| गुलिक काल | 07:31 – 09:08 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 – 12:50 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| चर | 05:53 – 07:31 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 07:31 – 09:08 | शुभ |
| अमृत | 09:08 – 10:46 | शुभ |
| काल | 10:46 – 12:24 | त्यागें |
| शुभ | 12:24 – 14:01 | शुभ |
| रोग | 14:01 – 15:39 | त्यागें |
| उद्वेग | 15:39 – 17:17 | त्यागें |
| चर | 17:17 – 18:55 | सम |
रात का चौघड़िया
| रोग | 18:55 – 20:17 | त्यागें |
|---|---|---|
| काल | 20:17 – 21:39 | त्यागें |
| लाभ | 21:39 – 23:02 | शुभ |
| उद्वेग | 23:02 – 00:24 | त्यागें |
| शुभ | 00:24 – 01:46 | शुभ |
| अमृत | 01:46 – 03:09 | शुभ |
| चर | 03:09 – 04:31 | सम |
| रोग | 04:31 – 05:53 | त्यागें |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।