दैनिक पंचांग
सोमवार, 31 अगस्त 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण तृतीया, 08:51 तक फिर कृष्ण चतुर्थी, 1 सितंबर, 07:42 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | रेवती, 1 सितंबर, 03:24 तक फिर अश्विनी, 2 सितंबर, 02:42 तक |
| योग | गंड, 1 सितंबर, 01:50 तक फिर वृद्धि, 1 सितंबर, 23:38 तक |
| करण | विष्टि, 08:51 तक फिर बव, 20:19 तक फिर बालव, 1 सितंबर, 07:42 तक |
| वार | सोमवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:58 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:44 |
| चंद्रोदय | 20:25 |
| चंद्रास्त | 08:47 |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र राशि | मीन, 1 सितंबर, 03:24; फिर मेष, 3 सितंबर, 07:26 तक तक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | श्रावण |
| मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 07:34 – 09:09 |
|---|---|
| यमगंड | 10:45 – 12:21 |
| गुलिक काल | 13:57 – 15:32 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:55 – 12:46 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 05:58 – 07:34 | शुभ |
|---|---|---|
| काल | 07:34 – 09:09 | त्यागें |
| शुभ | 09:09 – 10:45 | शुभ |
| रोग | 10:45 – 12:21 | त्यागें |
| उद्वेग | 12:21 – 13:57 | त्यागें |
| चर | 13:57 – 15:32 | सम |
| लाभ | 15:32 – 17:08 | शुभ |
| अमृत | 17:08 – 18:44 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| चर | 18:44 – 20:08 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 20:08 – 21:32 | त्यागें |
| काल | 21:32 – 22:57 | त्यागें |
| लाभ | 22:57 – 00:21 | शुभ |
| उद्वेग | 00:21 – 01:45 | त्यागें |
| शुभ | 01:45 – 03:10 | शुभ |
| अमृत | 03:10 – 04:34 | शुभ |
| चर | 04:34 – 05:58 | सम |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।