दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण अष्टमी, 5 सितंबर, 00:14 तक फिर कृष्ण नवमी, 5 सितंबर, 21:54 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | रोहिणी, 23:04 तक फिर मृगशिरा, 5 सितंबर, 21:31 तक |
| योग | हर्षण, 15:44 तक फिर वज्र, 5 सितंबर, 12:47 तक |
| करण | बालव, 13:21 तक फिर कौलव, 5 सितंबर, 00:14 तक फिर तैतिल, 5 सितंबर, 11:04 तक |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:00 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:39 |
| चंद्रोदय | 23:23 |
| चंद्रास्त | 13:09 |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र राशि | वृषभ |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | श्रावण |
| मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 10:45 – 12:20 |
|---|---|
| यमगंड | 15:29 – 17:04 |
| गुलिक काल | 07:35 – 09:10 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:54 – 12:45 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| चर | 06:00 – 07:35 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 07:35 – 09:10 | शुभ |
| अमृत | 09:10 – 10:45 | शुभ |
| काल | 10:45 – 12:20 | त्यागें |
| शुभ | 12:20 – 13:54 | शुभ |
| रोग | 13:54 – 15:29 | त्यागें |
| उद्वेग | 15:29 – 17:04 | त्यागें |
| चर | 17:04 – 18:39 | सम |
रात का चौघड़िया
| रोग | 18:39 – 20:04 | त्यागें |
|---|---|---|
| काल | 20:04 – 21:29 | त्यागें |
| लाभ | 21:29 – 22:55 | शुभ |
| उद्वेग | 22:55 – 00:20 | त्यागें |
| शुभ | 00:20 – 01:45 | शुभ |
| अमृत | 01:45 – 03:10 | शुभ |
| चर | 03:10 – 04:35 | सम |
| रोग | 04:35 – 06:00 | त्यागें |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।