दैनिक पंचांग
सोमवार, 14 सितंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल तृतीया, 07:07 तक फिर शुक्ल चतुर्थी, 15 सितंबर, 07:44 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा, 13:55 तक फिर स्वाति, 15 सितंबर, 15:21 तक |
| योग | ब्रह्म, 12:46 तक फिर इंद्र, 15 सितंबर, 12:20 तक |
| करण | गर, 07:07 तक फिर वणिज, 19:21 तक फिर विष्टि, 15 सितंबर, 07:44 तक |
| वार | सोमवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:05 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:27 |
| चंद्रोदय | 09:01 |
| चंद्रास्त | 20:08 |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र राशि | तुला |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | भाद्रपद |
| मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 07:38 – 09:10 |
|---|---|
| यमगंड | 10:43 – 12:16 |
| गुलिक काल | 13:49 – 15:22 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 – 12:41 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 06:05 – 07:38 | शुभ |
|---|---|---|
| काल | 07:38 – 09:10 | त्यागें |
| शुभ | 09:10 – 10:43 | शुभ |
| रोग | 10:43 – 12:16 | त्यागें |
| उद्वेग | 12:16 – 13:49 | त्यागें |
| चर | 13:49 – 15:22 | सम |
| लाभ | 15:22 – 16:55 | शुभ |
| अमृत | 16:55 – 18:27 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| चर | 18:27 – 19:55 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 19:55 – 21:22 | त्यागें |
| काल | 21:22 – 22:49 | त्यागें |
| लाभ | 22:49 – 00:16 | शुभ |
| उद्वेग | 00:16 – 01:44 | त्यागें |
| शुभ | 01:44 – 03:11 | शुभ |
| अमृत | 03:11 – 04:38 | शुभ |
| चर | 04:38 – 06:05 | सम |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।