दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण षष्ठी, 10:15 तक फिर कृष्ण सप्तमी, 3 अक्टूबर, 08:00 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | मृगशिरा, 3 अक्टूबर, 02:55 तक फिर आर्द्रा, 4 अक्टूबर, 01:29 तक |
| योग | व्यतीपात, 18:17 तक फिर वरीयान, 3 अक्टूबर, 15:21 तक |
| करण | वणिज, 10:15 तक फिर विष्टि, 21:07 तक फिर बव, 3 अक्टूबर, 08:00 तक |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:14 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:06 |
| चंद्रोदय | 22:20 |
| चंद्रास्त | 12:08 |
| सूर्य राशि | कन्या |
| चंद्र राशि | वृषभ, 15:40; फिर मिथुन, 4 अक्टूबर, 18:32 तक तक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | भाद्रपद |
| मास (पूर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 10:41 – 12:10 |
|---|---|
| यमगंड | 15:08 – 16:37 |
| गुलिक काल | 07:43 – 09:12 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:46 – 12:34 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| चर | 06:14 – 07:43 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 07:43 – 09:12 | शुभ |
| अमृत | 09:12 – 10:41 | शुभ |
| काल | 10:41 – 12:10 | त्यागें |
| शुभ | 12:10 – 13:39 | शुभ |
| रोग | 13:39 – 15:08 | त्यागें |
| उद्वेग | 15:08 – 16:37 | त्यागें |
| चर | 16:37 – 18:06 | सम |
रात का चौघड़िया
| रोग | 18:06 – 19:37 | त्यागें |
|---|---|---|
| काल | 19:37 – 21:08 | त्यागें |
| लाभ | 21:08 – 22:39 | शुभ |
| उद्वेग | 22:39 – 00:10 | त्यागें |
| शुभ | 00:10 – 01:41 | शुभ |
| अमृत | 01:41 – 03:12 | शुभ |
| चर | 03:12 – 04:43 | सम |
| रोग | 04:43 – 06:14 | त्यागें |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।