दैनिक पंचांग
शनिवार, 3 अक्टूबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण सप्तमी, 08:00 तक फिर कृष्ण अष्टमी, 4 अक्टूबर, 05:52 तक फिर कृष्ण नवमी, 5 अक्टूबर, 03:54 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | आर्द्रा, 4 अक्टूबर, 01:29 तक फिर पुनर्वसु, 5 अक्टूबर, 00:14 तक |
| योग | वरीयान, 15:21 तक फिर परिघ, 4 अक्टूबर, 12:32 तक |
| करण | बव, 08:00 तक फिर बालव, 18:55 तक फिर कौलव, 4 अक्टूबर, 05:52 तक फिर तैतिल, 4 अक्टूबर, 16:51 तक |
| वार | शनिवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:14 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:05 |
| चंद्रोदय | 23:26 |
| चंद्रास्त | 13:09 |
| सूर्य राशि | कन्या |
| चंद्र राशि | मिथुन |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | भाद्रपद |
| मास (पूर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 09:12 – 10:41 |
|---|---|
| यमगंड | 13:38 – 15:07 |
| गुलिक काल | 06:14 – 07:43 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:46 – 12:33 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| काल | 06:14 – 07:43 | त्यागें |
|---|---|---|
| शुभ | 07:43 – 09:12 | शुभ |
| रोग | 09:12 – 10:41 | त्यागें |
| उद्वेग | 10:41 – 12:10 | त्यागें |
| चर | 12:10 – 13:38 | सम |
| लाभ | 13:38 – 15:07 | शुभ |
| अमृत | 15:07 – 16:36 | शुभ |
| काल | 16:36 – 18:05 | त्यागें |
रात का चौघड़िया
| लाभ | 18:05 – 19:36 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 19:36 – 21:07 | त्यागें |
| शुभ | 21:07 – 22:39 | शुभ |
| अमृत | 22:39 – 00:10 | शुभ |
| चर | 00:10 – 01:41 | सम |
| रोग | 01:41 – 03:12 | त्यागें |
| काल | 03:12 – 04:44 | त्यागें |
| लाभ | 04:44 – 06:15 | शुभ |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।