दैनिक पंचांग
शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल सप्तमी, 18 अक्टूबर, 08:28 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | मूल, 09:47 तक फिर पूर्वाषाढ़ा, 18 अक्टूबर, 12:49 तक |
| योग | अतिगंड, 23:02 तक फिर सुकर्मा, 18 अक्टूबर, 23:56 तक |
| करण | गर, 19:12 तक फिर वणिज, 18 अक्टूबर, 08:28 तक |
| वार | शनिवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:22 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:49 |
| चंद्रोदय | 12:22 |
| चंद्रास्त | 22:35 |
| सूर्य राशि | कन्या |
| चंद्र राशि | धनु |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | आश्विन |
| मास (पूर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 09:14 – 10:40 |
|---|---|
| यमगंड | 13:32 – 14:58 |
| गुलिक काल | 06:22 – 07:48 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 – 12:29 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| काल | 06:22 – 07:48 | त्यागें |
|---|---|---|
| शुभ | 07:48 – 09:14 | शुभ |
| रोग | 09:14 – 10:40 | त्यागें |
| उद्वेग | 10:40 – 12:06 | त्यागें |
| चर | 12:06 – 13:32 | सम |
| लाभ | 13:32 – 14:58 | शुभ |
| अमृत | 14:58 – 16:24 | शुभ |
| काल | 16:24 – 17:49 | त्यागें |
रात का चौघड़िया
| लाभ | 17:49 – 19:24 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 19:24 – 20:58 | त्यागें |
| शुभ | 20:58 – 22:32 | शुभ |
| अमृत | 22:32 – 00:06 | शुभ |
| चर | 00:06 – 01:40 | सम |
| रोग | 01:40 – 03:15 | त्यागें |
| काल | 03:15 – 04:49 | त्यागें |
| लाभ | 04:49 – 06:23 | शुभ |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।