दैनिक पंचांग
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल अष्टमी, 10:52 तक फिर शुक्ल नवमी, 20 अक्टूबर, 12:50 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा, 15:38 तक फिर श्रवण, 20 अक्टूबर, 18:02 तक |
| योग | धृति, 20 अक्टूबर, 00:35 तक फिर शूल, 21 अक्टूबर, 00:50 तक |
| करण | बव, 10:52 तक फिर बालव, 23:55 तक फिर कौलव, 20 अक्टूबर, 12:50 तक |
| वार | सोमवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:24 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:47 |
| चंद्रोदय | 13:44 |
| चंद्रास्त | 20 अक्टूबर, 00:28 |
| सूर्य राशि | तुला |
| चंद्र राशि | मकर |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | आश्विन |
| मास (पूर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 07:49 – 09:14 |
|---|---|
| यमगंड | 10:40 – 12:05 |
| गुलिक काल | 13:31 – 14:56 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 – 12:28 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 06:24 – 07:49 | शुभ |
|---|---|---|
| काल | 07:49 – 09:14 | त्यागें |
| शुभ | 09:14 – 10:40 | शुभ |
| रोग | 10:40 – 12:05 | त्यागें |
| उद्वेग | 12:05 – 13:31 | त्यागें |
| चर | 13:31 – 14:56 | सम |
| लाभ | 14:56 – 16:22 | शुभ |
| अमृत | 16:22 – 17:47 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| चर | 17:47 – 19:22 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 19:22 – 20:57 | त्यागें |
| काल | 20:57 – 22:31 | त्यागें |
| लाभ | 22:31 – 00:06 | शुभ |
| उद्वेग | 00:06 – 01:40 | त्यागें |
| शुभ | 01:40 – 03:15 | शुभ |
| अमृत | 03:15 – 04:50 | शुभ |
| चर | 04:50 – 06:24 | सम |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।