दैनिक पंचांग
गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल एकादशी, 14:48 तक फिर शुक्ल द्वादशी, 23 अक्टूबर, 14:36 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | शतभिषा, 20:49 तक फिर पूर्वा भाद्रपद, 23 अक्टूबर, 21:03 तक |
| योग | वृद्धि, 23:39 तक फिर ध्रुव, 23 अक्टूबर, 22:08 तक |
| करण | विष्टि, 14:48 तक फिर बव, 23 अक्टूबर, 02:48 तक फिर बालव, 23 अक्टूबर, 14:36 तक |
| वार | गुरुवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:25 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:44 |
| चंद्रोदय | 15:20 |
| चंद्रास्त | 23 अक्टूबर, 03:20 |
| सूर्य राशि | तुला |
| चंद्र राशि | कुंभ |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | आश्विन |
| मास (पूर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 13:30 – 14:55 |
|---|---|
| यमगंड | 06:25 – 07:50 |
| गुलिक काल | 09:15 – 10:40 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 – 12:28 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| शुभ | 06:25 – 07:50 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 07:50 – 09:15 | त्यागें |
| उद्वेग | 09:15 – 10:40 | त्यागें |
| चर | 10:40 – 12:05 | सम |
| लाभ | 12:05 – 13:30 | शुभ |
| अमृत | 13:30 – 14:55 | शुभ |
| काल | 14:55 – 16:20 | त्यागें |
| शुभ | 16:20 – 17:44 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| अमृत | 17:44 – 19:20 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 19:20 – 20:55 | सम |
| रोग | 20:55 – 22:30 | त्यागें |
| काल | 22:30 – 00:05 | त्यागें |
| लाभ | 00:05 – 01:40 | शुभ |
| उद्वेग | 01:40 – 03:16 | त्यागें |
| शुभ | 03:16 – 04:51 | शुभ |
| अमृत | 04:51 – 06:26 | शुभ |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।