दैनिक पंचांग
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण चतुर्थी, 22:10 तक फिर कृष्ण पंचमी, 30 अक्टूबर, 19:25 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | रोहिणी, 11:11 तक फिर मृगशिरा, 30 अक्टूबर, 09:04 तक |
| योग | परिघ, 30 अक्टूबर, 00:06 तक फिर शिव, 30 अक्टूबर, 20:41 तक |
| करण | बव, 11:37 तक फिर बालव, 22:10 तक फिर कौलव, 30 अक्टूबर, 08:46 तक |
| वार | गुरुवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:30 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:38 |
| चंद्रोदय | 20:11 |
| चंद्रास्त | 09:57 |
| सूर्य राशि | तुला |
| चंद्र राशि | वृषभ, 22:06; फिर मिथुन, 1 नवंबर, 00:00 तक तक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | आश्विन |
| मास (पूर्णिमांत) | कार्तिक |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 13:28 – 14:51 |
|---|---|
| यमगंड | 06:30 – 07:54 |
| गुलिक काल | 09:17 – 10:41 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 – 12:26 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| शुभ | 06:30 – 07:54 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 07:54 – 09:17 | त्यागें |
| उद्वेग | 09:17 – 10:41 | त्यागें |
| चर | 10:41 – 12:04 | सम |
| लाभ | 12:04 – 13:28 | शुभ |
| अमृत | 13:28 – 14:51 | शुभ |
| काल | 14:51 – 16:15 | त्यागें |
| शुभ | 16:15 – 17:38 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| अमृत | 17:38 – 19:15 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 19:15 – 20:51 | सम |
| रोग | 20:51 – 22:28 | त्यागें |
| काल | 22:28 – 00:05 | त्यागें |
| लाभ | 00:05 – 01:41 | शुभ |
| उद्वेग | 01:41 – 03:18 | त्यागें |
| शुभ | 03:18 – 04:54 | शुभ |
| अमृत | 04:54 – 06:31 | शुभ |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।