दैनिक पंचांग
बुधवार, 4 नवंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण दशमी, 11:03 तक फिर कृष्ण एकादशी, 5 नवंबर, 10:36 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी, 5 नवंबर, 03:30 तक फिर उत्तरा फाल्गुनी, 6 नवंबर, 03:56 तक |
| योग | ब्रह्म, 08:01 तक फिर इंद्र, 5 नवंबर, 06:26 तक फिर वैधृति, 6 नवंबर, 05:09 तक |
| करण | विष्टि, 11:03 तक फिर बव, 22:47 तक फिर बालव, 5 नवंबर, 10:36 तक |
| वार | बुधवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:34 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:34 |
| चंद्रोदय | 5 नवंबर, 02:42 |
| चंद्रास्त | 14:35 |
| सूर्य राशि | तुला |
| चंद्र राशि | सिंह |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | आश्विन |
| मास (पूर्णिमांत) | कार्तिक |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 12:04 – 13:26 |
|---|---|
| यमगंड | 07:57 – 09:19 |
| गुलिक काल | 10:42 – 12:04 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 – 12:26 (परंपरा में बुधवार को त्याज्य) |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| लाभ | 06:34 – 07:57 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 07:57 – 09:19 | शुभ |
| काल | 09:19 – 10:42 | त्यागें |
| शुभ | 10:42 – 12:04 | शुभ |
| रोग | 12:04 – 13:26 | त्यागें |
| उद्वेग | 13:26 – 14:49 | त्यागें |
| चर | 14:49 – 16:11 | सम |
| लाभ | 16:11 – 17:34 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| उद्वेग | 17:34 – 19:11 | त्यागें |
|---|---|---|
| शुभ | 19:11 – 20:49 | शुभ |
| अमृत | 20:49 – 22:27 | शुभ |
| चर | 22:27 – 00:04 | सम |
| रोग | 00:04 – 01:42 | त्यागें |
| काल | 01:42 – 03:20 | त्यागें |
| लाभ | 03:20 – 04:57 | शुभ |
| उद्वेग | 04:57 – 06:35 | त्यागें |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।