जन्म कुण्डली Janma Kundli

दैनिक पंचांग

बुधवार, 3 मार्च 2027

New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata

पंचांग के पांच अंग

सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।

तिथि
कृष्ण एकादशी, 4 मार्च, 07:24 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 22:34 तक
फिर उत्तराषाढ़ा, 5 मार्च, 01:35 तक
योग
व्यतीपात, 4 मार्च, 01:06 तक
फिर वरीयान, 5 मार्च, 02:00 तक
करण
बव, 18:05 तक
फिर बालव, 4 मार्च, 07:24 तक
वार
बुधवार

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:44
सूर्यास्त18:22
चंद्रोदय4 मार्च, 04:14
चंद्रास्त13:51
सूर्य राशिकुंभ
चंद्र राशिधनु, 4 मार्च, 05:20; फिर मकर, 6 मार्च, 17:34 तक तक

हिंदू पंचांग

पक्षकृष्ण
मास (अमांत)माघ
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948 · पराभव

शुभ और अशुभ समय

राहु काल12:33 – 14:00
यमगंड08:11 – 09:38
गुलिक काल11:06 – 12:33
अभिजित मुहूर्त12:10 – 12:56 (परंपरा में बुधवार को त्याज्य)

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।

दिन का चौघड़िया

लाभ06:44 – 08:11शुभ
अमृत08:11 – 09:38शुभ
काल09:38 – 11:06त्यागें
शुभ11:06 – 12:33शुभ
रोग12:33 – 14:00त्यागें
उद्वेग14:00 – 15:27त्यागें
चर15:27 – 16:54सम
लाभ16:54 – 18:22शुभ

रात का चौघड़िया

उद्वेग18:22 – 19:54त्यागें
शुभ19:54 – 21:27शुभ
अमृत21:27 – 23:00शुभ
चर23:00 – 00:32सम
रोग00:32 – 02:05त्यागें
काल02:05 – 03:38त्यागें
लाभ03:38 – 05:10शुभ
उद्वेग05:10 – 06:43त्यागें

समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।