जन्म कुण्डली Janma Kundli

दैनिक पंचांग

गुरुवार, 11 मार्च 2027

New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata

पंचांग के पांच अंग

सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।

तिथि
शुक्ल तृतीया, 15:37 तक
फिर शुक्ल चतुर्थी, 12 मार्च, 14:57 तक
नक्षत्र
रेवती, 11:20 तक
फिर अश्विनी, 12 मार्च, 11:22 तक
योग
ब्रह्म, 23:22 तक
फिर इंद्र, 12 मार्च, 21:34 तक
करण
गर, 15:37 तक
फिर वणिज, 12 मार्च, 03:20 तक
फिर विष्टि, 12 मार्च, 14:57 तक
वार
गुरुवार

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:35
सूर्यास्त18:27
चंद्रोदय07:54
चंद्रास्त21:24
सूर्य राशिकुंभ
चंद्र राशिमीन, 11:20; फिर मेष, 13 मार्च, 16:55 तक तक

हिंदू पंचांग

पक्षशुक्ल
मास (अमांत)फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948 · पराभव

शुभ और अशुभ समय

राहु काल14:00 – 15:29
यमगंड06:35 – 08:04
गुलिक काल09:33 – 11:02
अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:55

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।

दिन का चौघड़िया

शुभ06:35 – 08:04शुभ
रोग08:04 – 09:33त्यागें
उद्वेग09:33 – 11:02त्यागें
चर11:02 – 12:31सम
लाभ12:31 – 14:00शुभ
अमृत14:00 – 15:29शुभ
काल15:29 – 16:58त्यागें
शुभ16:58 – 18:27शुभ

रात का चौघड़िया

अमृत18:27 – 19:58शुभ
चर19:58 – 21:29सम
रोग21:29 – 22:59त्यागें
काल22:59 – 00:30त्यागें
लाभ00:30 – 02:01शुभ
उद्वेग02:01 – 03:32त्यागें
शुभ03:32 – 05:03शुभ
अमृत05:03 – 06:34शुभ

समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।