दैनिक पंचांग
गुरुवार, 25 मार्च 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण तृतीया, 12:38 तक फिर कृष्ण चतुर्थी, 26 मार्च, 12:43 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | स्वाति, 19:39 तक फिर विशाखा, 26 मार्च, 20:36 तक |
| योग | व्याघात, 07:32 तक फिर हर्षण, 26 मार्च, 06:21 तक |
| करण | विष्टि, 12:38 तक फिर बव, 26 मार्च, 00:35 तक फिर बालव, 26 मार्च, 12:43 तक |
| वार | गुरुवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:19 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:35 |
| चंद्रोदय | 21:44 |
| चंद्रास्त | 07:43 |
| सूर्य राशि | मीन |
| चंद्र राशि | तुला |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | फाल्गुन |
| मास (पूर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 13:59 – 15:31 |
|---|---|
| यमगंड | 06:19 – 07:51 |
| गुलिक काल | 09:23 – 10:55 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:02 – 12:51 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| शुभ | 06:19 – 07:51 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 07:51 – 09:23 | त्यागें |
| उद्वेग | 09:23 – 10:55 | त्यागें |
| चर | 10:55 – 12:27 | सम |
| लाभ | 12:27 – 13:59 | शुभ |
| अमृत | 13:59 – 15:31 | शुभ |
| काल | 15:31 – 17:03 | त्यागें |
| शुभ | 17:03 – 18:35 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| अमृत | 18:35 – 20:03 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 20:03 – 21:31 | सम |
| रोग | 21:31 – 22:58 | त्यागें |
| काल | 22:58 – 00:26 | त्यागें |
| लाभ | 00:26 – 01:54 | शुभ |
| उद्वेग | 01:54 – 03:22 | त्यागें |
| शुभ | 03:22 – 04:50 | शुभ |
| अमृत | 04:50 – 06:18 | शुभ |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।