दैनिक पंचांग
बुधवार, 31 मार्च 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण नवमी, 22:16 तक फिर कृष्ण दशमी, 2 अप्रैल, 00:45 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा, 06:21 तक फिर उत्तराषाढ़ा, 1 अप्रैल, 09:25 तक |
| योग | परिघ, 07:53 तक फिर शिव, 1 अप्रैल, 08:52 तक |
| करण | तैतिल, 08:58 तक फिर गर, 22:16 तक फिर वणिज, 1 अप्रैल, 11:33 तक |
| वार | बुधवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:12 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:38 |
| चंद्रोदय | 1 अप्रैल, 02:49 |
| चंद्रास्त | 12:37 |
| सूर्य राशि | मीन |
| चंद्र राशि | धनु, 13:07; फिर मकर, 3 अप्रैल, 01:33 तक तक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | फाल्गुन |
| मास (पूर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 · पराभव |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 12:25 – 13:58 |
|---|---|
| यमगंड | 07:45 – 09:19 |
| गुलिक काल | 10:52 – 12:25 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 – 12:50 (परंपरा में बुधवार को त्याज्य) |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| लाभ | 06:12 – 07:45 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 07:45 – 09:19 | शुभ |
| काल | 09:19 – 10:52 | त्यागें |
| शुभ | 10:52 – 12:25 | शुभ |
| रोग | 12:25 – 13:58 | त्यागें |
| उद्वेग | 13:58 – 15:32 | त्यागें |
| चर | 15:32 – 17:05 | सम |
| लाभ | 17:05 – 18:38 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| उद्वेग | 18:38 – 20:05 | त्यागें |
|---|---|---|
| शुभ | 20:05 – 21:31 | शुभ |
| अमृत | 21:31 – 22:58 | शुभ |
| चर | 22:58 – 00:25 | सम |
| रोग | 00:25 – 01:51 | त्यागें |
| काल | 01:51 – 03:18 | त्यागें |
| लाभ | 03:18 – 04:44 | शुभ |
| उद्वेग | 04:44 – 06:11 | त्यागें |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।