जन्म कुण्डली Janma Kundli

दैनिक पंचांग

शुक्रवार, 16 अप्रैल 2027

New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata

पंचांग के पांच अंग

सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।

तिथि
शुक्ल दशमी, 11:22 तक
फिर शुक्ल एकादशी, 17 अप्रैल, 09:28 तक
नक्षत्र
आश्लेषा, 08:18 तक
फिर मघा, 17 अप्रैल, 07:08 तक
योग
गंड, 17 अप्रैल, 02:58 तक
फिर वृद्धि, 18 अप्रैल, 00:24 तक
करण
गर, 11:22 तक
फिर वणिज, 22:24 तक
फिर विष्टि, 17 अप्रैल, 09:28 तक
वार
शुक्रवार

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय05:55
सूर्यास्त18:47
चंद्रोदय14:17
चंद्रास्त17 अप्रैल, 03:25
सूर्य राशिमेष
चंद्र राशिकर्क, 08:18; फिर सिंह, 18 अप्रैल, 11:52 तक तक

हिंदू पंचांग

पक्षशुक्ल
मास (अमांत)चैत्र
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
विक्रम संवत2084
शक संवत1949 · प्लवंग

शुभ और अशुभ समय

राहु काल10:44 – 12:21
यमगंड15:34 – 17:10
गुलिक काल07:31 – 09:08
अभिजित मुहूर्त11:55 – 12:47

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।

दिन का चौघड़िया

चर05:55 – 07:31सम
लाभ07:31 – 09:08शुभ
अमृत09:08 – 10:44शुभ
काल10:44 – 12:21त्यागें
शुभ12:21 – 13:57शुभ
रोग13:57 – 15:34त्यागें
उद्वेग15:34 – 17:10त्यागें
चर17:10 – 18:47सम

रात का चौघड़िया

रोग18:47 – 20:10त्यागें
काल20:10 – 21:34त्यागें
लाभ21:34 – 22:57शुभ
उद्वेग22:57 – 00:20त्यागें
शुभ00:20 – 01:44शुभ
अमृत01:44 – 03:07शुभ
चर03:07 – 04:30सम
रोग04:30 – 05:53त्यागें

समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।