दैनिक पंचांग
शनिवार, 17 अप्रैल 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल एकादशी, 09:28 तक फिर शुक्ल द्वादशी, 18 अप्रैल, 07:42 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | मघा, 07:08 तक फिर पूर्वा फाल्गुनी, 18 अप्रैल, 06:06 तक |
| योग | वृद्धि, 18 अप्रैल, 00:24 तक फिर ध्रुव, 18 अप्रैल, 21:58 तक |
| करण | विष्टि, 09:28 तक फिर बव, 20:34 तक फिर बालव, 18 अप्रैल, 07:42 तक |
| वार | शनिवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:53 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:48 |
| चंद्रोदय | 15:21 |
| चंद्रास्त | 18 अप्रैल, 03:58 |
| सूर्य राशि | मेष |
| चंद्र राशि | सिंह |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | चैत्र |
| मास (पूर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शक संवत | 1949 · प्लवंग |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 09:07 – 10:44 |
|---|---|
| यमगंड | 13:57 – 15:34 |
| गुलिक काल | 05:53 – 07:30 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:55 – 12:46 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| काल | 05:53 – 07:30 | त्यागें |
|---|---|---|
| शुभ | 07:30 – 09:07 | शुभ |
| रोग | 09:07 – 10:44 | त्यागें |
| उद्वेग | 10:44 – 12:21 | त्यागें |
| चर | 12:21 – 13:57 | सम |
| लाभ | 13:57 – 15:34 | शुभ |
| अमृत | 15:34 – 17:11 | शुभ |
| काल | 17:11 – 18:48 | त्यागें |
रात का चौघड़िया
| लाभ | 18:48 – 20:11 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 20:11 – 21:34 | त्यागें |
| शुभ | 21:34 – 22:57 | शुभ |
| अमृत | 22:57 – 00:20 | शुभ |
| चर | 00:20 – 01:43 | सम |
| रोग | 01:43 – 03:06 | त्यागें |
| काल | 03:06 – 04:29 | त्यागें |
| लाभ | 04:29 – 05:52 | शुभ |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।