जन्म कुण्डली Janma Kundli

दैनिक पंचांग

गुरुवार, 22 अप्रैल 2027

New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata

पंचांग के पांच अंग

सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।

तिथि
कृष्ण द्वितीया, 23 अप्रैल, 03:37 तक
फिर कृष्ण तृतीया, 24 अप्रैल, 04:21 तक
नक्षत्र
विशाखा, 23 अप्रैल, 05:32 तक
फिर अनुराधा, 24 अप्रैल, 06:57 तक
योग
सिद्धि, 14:57 तक
फिर व्यतीपात, 23 अप्रैल, 14:13 तक
करण
तैतिल, 15:29 तक
फिर गर, 23 अप्रैल, 03:37 तक
फिर वणिज, 23 अप्रैल, 15:54 तक
वार
गुरुवार

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय05:48
सूर्यास्त18:50
चंद्रोदय20:29
चंद्रास्त06:16
सूर्य राशिमेष
चंद्र राशितुला, 23:17; फिर वृश्चिक, 25 अप्रैल, 08:57 तक तक

हिंदू पंचांग

पक्षकृष्ण
मास (अमांत)चैत्र
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
विक्रम संवत2084
शक संवत1949 · प्लवंग

शुभ और अशुभ समय

राहु काल13:57 – 15:35
यमगंड05:48 – 07:26
गुलिक काल09:04 – 10:42
अभिजित मुहूर्त11:53 – 12:46

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।

दिन का चौघड़िया

शुभ05:48 – 07:26शुभ
रोग07:26 – 09:04त्यागें
उद्वेग09:04 – 10:42त्यागें
चर10:42 – 12:19सम
लाभ12:19 – 13:57शुभ
अमृत13:57 – 15:35शुभ
काल15:35 – 17:13त्यागें
शुभ17:13 – 18:50शुभ

रात का चौघड़िया

अमृत18:50 – 20:13शुभ
चर20:13 – 21:35सम
रोग21:35 – 22:57त्यागें
काल22:57 – 00:19त्यागें
लाभ00:19 – 01:41शुभ
उद्वेग01:41 – 03:03त्यागें
शुभ03:03 – 04:25शुभ
अमृत04:25 – 05:47शुभ

समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।