दैनिक पंचांग
सोमवार, 3 मई 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण द्वादशी, 20:04 तक फिर कृष्ण त्रयोदशी, 4 मई, 19:31 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपद, 4 मई, 03:19 तक फिर रेवती, 5 मई, 03:15 तक |
| योग | वैधृति, 17:39 तक फिर विष्कुंभ, 4 मई, 16:14 तक |
| करण | कौलव, 08:04 तक फिर तैतिल, 20:04 तक फिर गर, 4 मई, 07:53 तक |
| वार | सोमवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:38 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:57 |
| चंद्रोदय | 4 मई, 03:51 |
| चंद्रास्त | 15:59 |
| सूर्य राशि | मेष |
| चंद्र राशि | मीन |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | चैत्र |
| मास (पूर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शक संवत | 1949 · प्लवंग |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 07:18 – 08:58 |
|---|---|
| यमगंड | 10:38 – 12:18 |
| गुलिक काल | 13:58 – 15:37 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 – 12:44 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 05:38 – 07:18 | शुभ |
|---|---|---|
| काल | 07:18 – 08:58 | त्यागें |
| शुभ | 08:58 – 10:38 | शुभ |
| रोग | 10:38 – 12:18 | त्यागें |
| उद्वेग | 12:18 – 13:58 | त्यागें |
| चर | 13:58 – 15:37 | सम |
| लाभ | 15:37 – 17:17 | शुभ |
| अमृत | 17:17 – 18:57 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| चर | 18:57 – 20:17 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 20:17 – 21:37 | त्यागें |
| काल | 21:37 – 22:57 | त्यागें |
| लाभ | 22:57 – 00:17 | शुभ |
| उद्वेग | 00:17 – 01:37 | त्यागें |
| शुभ | 01:37 – 02:58 | शुभ |
| अमृत | 02:58 – 04:18 | शुभ |
| चर | 04:18 – 05:38 | सम |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।