दैनिक पंचांग
गुरुवार, 19 अगस्त 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण द्वितीया, 17:16 तक फिर कृष्ण तृतीया, 20 अगस्त, 18:53 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपद, 20 अगस्त, 07:39 तक |
| योग | सुकर्मा, 20 अगस्त, 02:52 तक फिर धृति, 21 अगस्त, 03:04 तक |
| करण | गर, 17:16 तक फिर वणिज, 20 अगस्त, 06:08 तक |
| वार | गुरुवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:52 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:57 |
| चंद्रोदय | 19:54 |
| चंद्रास्त | 07:26 |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र राशि | कुंभ, 20 अगस्त, 01:05; फिर मीन, 22 अगस्त, 11:11 तक तक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | श्रावण |
| मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शक संवत | 1949 · प्लवंग |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 14:02 – 15:40 |
|---|---|
| यमगंड | 05:52 – 07:30 |
| गुलिक काल | 09:08 – 10:46 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 – 12:50 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| शुभ | 05:52 – 07:30 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 07:30 – 09:08 | त्यागें |
| उद्वेग | 09:08 – 10:46 | त्यागें |
| चर | 10:46 – 12:24 | सम |
| लाभ | 12:24 – 14:02 | शुभ |
| अमृत | 14:02 – 15:40 | शुभ |
| काल | 15:40 – 17:19 | त्यागें |
| शुभ | 17:19 – 18:57 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| अमृत | 18:57 – 20:19 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 20:19 – 21:41 | सम |
| रोग | 21:41 – 23:03 | त्यागें |
| काल | 23:03 – 00:24 | त्यागें |
| लाभ | 00:24 – 01:46 | शुभ |
| उद्वेग | 01:46 – 03:08 | त्यागें |
| शुभ | 03:08 – 04:30 | शुभ |
| अमृत | 04:30 – 05:52 | शुभ |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।