दैनिक पंचांग
शनिवार, 4 सितंबर 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल चतुर्थी, 12:26 तक फिर शुक्ल पंचमी, 5 सितंबर, 11:17 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा, 14:49 तक फिर स्वाति, 5 सितंबर, 14:30 तक |
| योग | शुक्ल, 08:13 तक फिर ब्रह्म, 5 सितंबर, 06:06 तक |
| करण | विष्टि, 12:26 तक फिर बव, 23:46 तक फिर बालव, 5 सितंबर, 11:17 तक |
| वार | शनिवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:00 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:39 |
| चंद्रोदय | 09:40 |
| चंद्रास्त | 20:47 |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र राशि | तुला |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | भाद्रपद |
| मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शक संवत | 1949 · प्लवंग |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 09:10 – 10:45 |
|---|---|
| यमगंड | 13:55 – 15:30 |
| गुलिक काल | 06:00 – 07:35 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:54 – 12:45 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| काल | 06:00 – 07:35 | त्यागें |
|---|---|---|
| शुभ | 07:35 – 09:10 | शुभ |
| रोग | 09:10 – 10:45 | त्यागें |
| उद्वेग | 10:45 – 12:20 | त्यागें |
| चर | 12:20 – 13:55 | सम |
| लाभ | 13:55 – 15:30 | शुभ |
| अमृत | 15:30 – 17:04 | शुभ |
| काल | 17:04 – 18:39 | त्यागें |
रात का चौघड़िया
| लाभ | 18:39 – 20:05 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 20:05 – 21:30 | त्यागें |
| शुभ | 21:30 – 22:55 | शुभ |
| अमृत | 22:55 – 00:20 | शुभ |
| चर | 00:20 – 01:45 | सम |
| रोग | 01:45 – 03:10 | त्यागें |
| काल | 03:10 – 04:35 | त्यागें |
| लाभ | 04:35 – 06:00 | शुभ |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।