दैनिक पंचांग
गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | शुक्ल चतुर्दशी, 18:49 तक फिर पूर्णिमा, 15 अक्टूबर, 19:16 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपद, 22:30 तक फिर रेवती, 15 अक्टूबर, 23:29 तक |
| योग | ध्रुव, 16:16 तक फिर व्याघात, 15 अक्टूबर, 15:35 तक |
| करण | गर, 06:23 तक फिर वणिज, 18:49 तक फिर विष्टि, 15 अक्टूबर, 07:07 तक |
| वार | गुरुवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:20 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:53 |
| चंद्रोदय | 16:57 |
| चंद्रास्त | 15 अक्टूबर, 05:57 |
| सूर्य राशि | कन्या |
| चंद्र राशि | मीन |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| मास (अमांत) | आश्विन |
| मास (पूर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शक संवत | 1949 · प्लवंग |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 13:33 – 15:00 |
|---|---|
| यमगंड | 06:20 – 07:47 |
| गुलिक काल | 09:13 – 10:40 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 – 12:30 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| शुभ | 06:20 – 07:47 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 07:47 – 09:13 | त्यागें |
| उद्वेग | 09:13 – 10:40 | त्यागें |
| चर | 10:40 – 12:07 | सम |
| लाभ | 12:07 – 13:33 | शुभ |
| अमृत | 13:33 – 15:00 | शुभ |
| काल | 15:00 – 16:26 | त्यागें |
| शुभ | 16:26 – 17:53 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| अमृत | 17:53 – 19:26 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 19:26 – 21:00 | सम |
| रोग | 21:00 – 22:33 | त्यागें |
| काल | 22:33 – 00:07 | त्यागें |
| लाभ | 00:07 – 01:40 | शुभ |
| उद्वेग | 01:40 – 03:14 | त्यागें |
| शुभ | 03:14 – 04:47 | शुभ |
| अमृत | 04:47 – 06:21 | शुभ |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।