जन्म कुण्डली Janma Kundli

दैनिक पंचांग

शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2027

New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata

पंचांग के पांच अंग

सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।

तिथि
पूर्णिमा, 19:16 तक
फिर कृष्ण प्रतिपदा, 16 अक्टूबर, 19:13 तक
नक्षत्र
रेवती, 23:29 तक
फिर अश्विनी, 16 अक्टूबर, 23:59 तक
योग
व्याघात, 15:35 तक
फिर हर्षण, 16 अक्टूबर, 14:29 तक
करण
विष्टि, 07:07 तक
फिर बव, 19:16 तक
फिर बालव, 16 अक्टूबर, 07:18 तक
वार
शुक्रवार

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:21
सूर्यास्त17:52
चंद्रोदय17:28
चंद्रास्त16 अक्टूबर, 06:55
सूर्य राशिकन्या
चंद्र राशिमीन, 23:29; फिर मेष, 18 अक्टूबर, 06:01 तक तक

हिंदू पंचांग

पक्षशुक्ल
मास (अमांत)आश्विन
मास (पूर्णिमांत)आश्विन
विक्रम संवत2084
शक संवत1949 · प्लवंग

शुभ और अशुभ समय

राहु काल10:40 – 12:06
यमगंड14:59 – 16:25
गुलिक काल07:47 – 09:14
अभिजित मुहूर्त11:43 – 12:29

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।

दिन का चौघड़िया

चर06:21 – 07:47सम
लाभ07:47 – 09:14शुभ
अमृत09:14 – 10:40शुभ
काल10:40 – 12:06त्यागें
शुभ12:06 – 13:33शुभ
रोग13:33 – 14:59त्यागें
उद्वेग14:59 – 16:25त्यागें
चर16:25 – 17:52सम

रात का चौघड़िया

रोग17:52 – 19:25त्यागें
काल19:25 – 20:59त्यागें
लाभ20:59 – 22:33शुभ
उद्वेग22:33 – 00:07त्यागें
शुभ00:07 – 01:40शुभ
अमृत01:40 – 03:14शुभ
चर03:14 – 04:48सम
रोग04:48 – 06:22त्यागें

समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।