दैनिक पंचांग
रविवार, 17 अक्टूबर 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण द्वितीया, 18:43 तक फिर कृष्ण तृतीया, 18 अक्टूबर, 17:52 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | भरणी, 18 अक्टूबर, 00:04 तक फिर कृत्तिका, 18 अक्टूबर, 23:48 तक |
| योग | वज्र, 13:03 तक फिर सिद्धि, 18 अक्टूबर, 11:18 तक |
| करण | तैतिल, 07:01 तक फिर गर, 18:43 तक फिर वणिज, 18 अक्टूबर, 06:20 तक फिर विष्टि, 18 अक्टूबर, 17:52 तक |
| वार | रविवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:22 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:50 |
| चंद्रोदय | 18:43 |
| चंद्रास्त | 07:57 |
| सूर्य राशि | कन्या |
| चंद्र राशि | मेष, 18 अक्टूबर, 06:01; फिर वृषभ, 20 अक्टूबर, 10:54 तक तक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | आश्विन |
| मास (पूर्णिमांत) | कार्तिक |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शक संवत | 1949 · प्लवंग |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 16:24 – 17:50 |
|---|---|
| यमगंड | 12:06 – 13:32 |
| गुलिक काल | 14:58 – 16:24 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 – 12:29 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| उद्वेग | 06:22 – 07:48 | त्यागें |
|---|---|---|
| चर | 07:48 – 09:14 | सम |
| लाभ | 09:14 – 10:40 | शुभ |
| अमृत | 10:40 – 12:06 | शुभ |
| काल | 12:06 – 13:32 | त्यागें |
| शुभ | 13:32 – 14:58 | शुभ |
| रोग | 14:58 – 16:24 | त्यागें |
| उद्वेग | 16:24 – 17:50 | त्यागें |
रात का चौघड़िया
| शुभ | 17:50 – 19:24 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 19:24 – 20:58 | शुभ |
| चर | 20:58 – 22:32 | सम |
| रोग | 22:32 – 00:06 | त्यागें |
| काल | 00:06 – 01:40 | त्यागें |
| लाभ | 01:40 – 03:14 | शुभ |
| उद्वेग | 03:14 – 04:49 | त्यागें |
| शुभ | 04:49 – 06:23 | शुभ |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।