दैनिक पंचांग
सोमवार, 18 अक्टूबर 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण तृतीया, 17:52 तक फिर कृष्ण चतुर्थी, 19 अक्टूबर, 16:42 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | कृत्तिका, 23:48 तक फिर रोहिणी, 19 अक्टूबर, 23:16 तक |
| योग | सिद्धि, 11:18 तक फिर व्यतीपात, 19 अक्टूबर, 09:17 तक |
| करण | विष्टि, 17:52 तक फिर बव, 19 अक्टूबर, 05:19 तक फिर बालव, 19 अक्टूबर, 16:42 तक |
| वार | सोमवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:23 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:49 |
| चंद्रोदय | 19:30 |
| चंद्रास्त | 09:00 |
| सूर्य राशि | तुला |
| चंद्र राशि | वृषभ |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | आश्विन |
| मास (पूर्णिमांत) | कार्तिक |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शक संवत | 1949 · प्लवंग |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 07:48 – 09:14 |
|---|---|
| यमगंड | 10:40 – 12:06 |
| गुलिक काल | 13:31 – 14:57 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 – 12:29 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 06:23 – 07:48 | शुभ |
|---|---|---|
| काल | 07:48 – 09:14 | त्यागें |
| शुभ | 09:14 – 10:40 | शुभ |
| रोग | 10:40 – 12:06 | त्यागें |
| उद्वेग | 12:06 – 13:31 | त्यागें |
| चर | 13:31 – 14:57 | सम |
| लाभ | 14:57 – 16:23 | शुभ |
| अमृत | 16:23 – 17:49 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| चर | 17:49 – 19:23 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 19:23 – 20:57 | त्यागें |
| काल | 20:57 – 22:32 | त्यागें |
| लाभ | 22:32 – 00:06 | शुभ |
| उद्वेग | 00:06 – 01:40 | त्यागें |
| शुभ | 01:40 – 03:15 | शुभ |
| अमृत | 03:15 – 04:49 | शुभ |
| चर | 04:49 – 06:23 | सम |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।