दैनिक पंचांग
बुधवार, 20 अक्टूबर 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण पंचमी, 15:18 तक फिर कृष्ण षष्ठी, 21 अक्टूबर, 13:43 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | मृगशिरा, 22:30 तक फिर आर्द्रा, 21 अक्टूबर, 21:32 तक |
| योग | वरीयान, 07:05 तक फिर परिघ, 21 अक्टूबर, 04:42 तक फिर शिव, 22 अक्टूबर, 02:10 तक |
| करण | तैतिल, 15:18 तक फिर गर, 21 अक्टूबर, 02:32 तक फिर वणिज, 21 अक्टूबर, 13:43 तक |
| वार | बुधवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:24 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:47 |
| चंद्रोदय | 21:24 |
| चंद्रास्त | 11:05 |
| सूर्य राशि | तुला |
| चंद्र राशि | वृषभ, 10:54; फिर मिथुन, 22 अक्टूबर, 14:43 तक तक |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | आश्विन |
| मास (पूर्णिमांत) | कार्तिक |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शक संवत | 1949 · प्लवंग |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 12:05 – 13:31 |
|---|---|
| यमगंड | 07:49 – 09:15 |
| गुलिक काल | 10:40 – 12:05 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 – 12:28 (परंपरा में बुधवार को त्याज्य) |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| लाभ | 06:24 – 07:49 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 07:49 – 09:15 | शुभ |
| काल | 09:15 – 10:40 | त्यागें |
| शुभ | 10:40 – 12:05 | शुभ |
| रोग | 12:05 – 13:31 | त्यागें |
| उद्वेग | 13:31 – 14:56 | त्यागें |
| चर | 14:56 – 16:21 | सम |
| लाभ | 16:21 – 17:47 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| उद्वेग | 17:47 – 19:21 | त्यागें |
|---|---|---|
| शुभ | 19:21 – 20:56 | शुभ |
| अमृत | 20:56 – 22:31 | शुभ |
| चर | 22:31 – 00:06 | सम |
| रोग | 00:06 – 01:40 | त्यागें |
| काल | 01:40 – 03:15 | त्यागें |
| लाभ | 03:15 – 04:50 | शुभ |
| उद्वेग | 04:50 – 06:25 | त्यागें |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।