जन्म कुण्डली Janma Kundli

दैनिक पंचांग

शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027

New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata

पंचांग के पांच अंग

सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।

तिथि
कृष्ण सप्तमी, 11:56 तक
फिर कृष्ण अष्टमी, 23 अक्टूबर, 09:59 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु, 20:25 तक
फिर पुष्य, 23 अक्टूबर, 19:07 तक
योग
सिद्ध, 23:30 तक
फिर साध्य, 23 अक्टूबर, 20:42 तक
करण
बव, 11:56 तक
फिर बालव, 22:59 तक
फिर कौलव, 23 अक्टूबर, 09:59 तक
वार
शुक्रवार

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:25
सूर्यास्त17:45
चंद्रोदय23:36
चंद्रास्त12:52
सूर्य राशितुला
चंद्र राशिमिथुन, 14:43; फिर कर्क, 24 अक्टूबर, 17:41 तक तक

हिंदू पंचांग

पक्षकृष्ण
मास (अमांत)आश्विन
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2084
शक संवत1949 · प्लवंग

शुभ और अशुभ समय

राहु काल10:40 – 12:05
यमगंड14:55 – 16:20
गुलिक काल07:50 – 09:15
अभिजित मुहूर्त11:42 – 12:28

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।

दिन का चौघड़िया

चर06:25 – 07:50सम
लाभ07:50 – 09:15शुभ
अमृत09:15 – 10:40शुभ
काल10:40 – 12:05त्यागें
शुभ12:05 – 13:30शुभ
रोग13:30 – 14:55त्यागें
उद्वेग14:55 – 16:20त्यागें
चर16:20 – 17:45सम

रात का चौघड़िया

रोग17:45 – 19:20त्यागें
काल19:20 – 20:55त्यागें
लाभ20:55 – 22:30शुभ
उद्वेग22:30 – 00:05त्यागें
शुभ00:05 – 01:40शुभ
अमृत01:40 – 03:16शुभ
चर03:16 – 04:51सम
रोग04:51 – 06:26त्यागें

समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।