दैनिक पंचांग
सोमवार, 25 अक्टूबर 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण एकादशी, 26 अक्टूबर, 03:22 तक फिर कृष्ण द्वादशी, 27 अक्टूबर, 01:03 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | मघा, 16:09 तक फिर पूर्वा फाल्गुनी, 26 अक्टूबर, 14:34 तक |
| योग | शुक्ल, 14:47 तक फिर ब्रह्म, 26 अक्टूबर, 11:44 तक |
| करण | बव, 16:32 तक फिर बालव, 26 अक्टूबर, 03:22 तक फिर कौलव, 26 अक्टूबर, 14:13 तक |
| वार | सोमवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:27 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:42 |
| चंद्रोदय | 26 अक्टूबर, 02:54 |
| चंद्रास्त | 14:51 |
| सूर्य राशि | तुला |
| चंद्र राशि | सिंह |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | आश्विन |
| मास (पूर्णिमांत) | कार्तिक |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शक संवत | 1949 · प्लवंग |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 07:52 – 09:16 |
|---|---|
| यमगंड | 10:40 – 12:05 |
| गुलिक काल | 13:29 – 14:53 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 – 12:27 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 06:27 – 07:52 | शुभ |
|---|---|---|
| काल | 07:52 – 09:16 | त्यागें |
| शुभ | 09:16 – 10:40 | शुभ |
| रोग | 10:40 – 12:05 | त्यागें |
| उद्वेग | 12:05 – 13:29 | त्यागें |
| चर | 13:29 – 14:53 | सम |
| लाभ | 14:53 – 16:18 | शुभ |
| अमृत | 16:18 – 17:42 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| चर | 17:42 – 19:18 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 19:18 – 20:53 | त्यागें |
| काल | 20:53 – 22:29 | त्यागें |
| लाभ | 22:29 – 00:05 | शुभ |
| उद्वेग | 00:05 – 01:41 | त्यागें |
| शुभ | 01:41 – 03:16 | शुभ |
| अमृत | 03:16 – 04:52 | शुभ |
| चर | 04:52 – 06:28 | सम |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।