जन्म कुण्डली Janma Kundli

दैनिक पंचांग

रविवार, 31 अक्टूबर 2027

New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata

पंचांग के पांच अंग

सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।

तिथि
शुक्ल द्वितीया, 17:13 तक
फिर शुक्ल तृतीया, 1 नवंबर, 17:15 तक
नक्षत्र
विशाखा, 09:31 तक
फिर अनुराधा, 1 नवंबर, 09:57 तक
योग
सौभाग्य, 20:56 तक
फिर शोभन, 1 नवंबर, 19:54 तक
करण
कौलव, 17:13 तक
फिर तैतिल, 1 नवंबर, 05:09 तक
फिर गर, 1 नवंबर, 17:15 तक
वार
रविवार

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:31
सूर्यास्त17:37
चंद्रोदय08:14
चंद्रास्त18:41
सूर्य राशितुला
चंद्र राशिवृश्चिक

हिंदू पंचांग

पक्षशुक्ल
मास (अमांत)कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2084
शक संवत1949 · प्लवंग

शुभ और अशुभ समय

राहु काल16:14 – 17:37
यमगंड12:04 – 13:27
गुलिक काल14:50 – 16:14
अभिजित मुहूर्त11:42 – 12:26

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।

दिन का चौघड़िया

उद्वेग06:31 – 07:55त्यागें
चर07:55 – 09:18सम
लाभ09:18 – 10:41शुभ
अमृत10:41 – 12:04शुभ
काल12:04 – 13:27त्यागें
शुभ13:27 – 14:50शुभ
रोग14:50 – 16:14त्यागें
उद्वेग16:14 – 17:37त्यागें

रात का चौघड़िया

शुभ17:37 – 19:14शुभ
अमृत19:14 – 20:51शुभ
चर20:51 – 22:28सम
रोग22:28 – 00:04त्यागें
काल00:04 – 01:41त्यागें
लाभ01:41 – 03:18शुभ
उद्वेग03:18 – 04:55त्यागें
शुभ04:55 – 06:32शुभ

समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।