जन्म कुण्डली Janma Kundli

दैनिक पंचांग

शुक्रवार, 5 नवंबर 2027

New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata

पंचांग के पांच अंग

सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।

तिथि
शुक्ल सप्तमी, 6 नवंबर, 00:09 तक
फिर शुक्ल अष्टमी, 7 नवंबर, 02:50 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 18:19 तक
फिर श्रवण, 6 नवंबर, 21:26 तक
योग
शूल, 20:54 तक
फिर गंड, 6 नवंबर, 21:53 तक
करण
गर, 10:51 तक
फिर वणिज, 6 नवंबर, 00:09 तक
फिर विष्टि, 6 नवंबर, 13:29 तक
वार
शुक्रवार

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:35
सूर्यास्त17:33
चंद्रोदय12:25
चंद्रास्त23:15
सूर्य राशितुला
चंद्र राशिमकर

हिंदू पंचांग

पक्षशुक्ल
मास (अमांत)कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2084
शक संवत1949 · प्लवंग

शुभ और अशुभ समय

राहु काल10:42 – 12:04
यमगंड14:49 – 16:11
गुलिक काल07:57 – 09:20
अभिजित मुहूर्त11:42 – 12:26

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।

दिन का चौघड़िया

चर06:35 – 07:57सम
लाभ07:57 – 09:20शुभ
अमृत09:20 – 10:42शुभ
काल10:42 – 12:04त्यागें
शुभ12:04 – 13:26शुभ
रोग13:26 – 14:49त्यागें
उद्वेग14:49 – 16:11त्यागें
चर16:11 – 17:33सम

रात का चौघड़िया

रोग17:33 – 19:11त्यागें
काल19:11 – 20:49त्यागें
लाभ20:49 – 22:27शुभ
उद्वेग22:27 – 00:04त्यागें
शुभ00:04 – 01:42शुभ
अमृत01:42 – 03:20शुभ
चर03:20 – 04:58सम
रोग04:58 – 06:36त्यागें

समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।