जन्म कुण्डली Janma Kundli

दैनिक पंचांग

रविवार, 14 नवंबर 2027

New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata

पंचांग के पांच अंग

सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।

तिथि
पूर्णिमा, 08:55 तक
फिर कृष्ण प्रतिपदा, 15 नवंबर, 07:28 तक
नक्षत्र
भरणी, 07:52 तक
फिर कृत्तिका, 15 नवंबर, 07:06 तक
योग
वरीयान, 17:49 तक
फिर परिघ, 15 नवंबर, 15:21 तक
करण
बव, 08:55 तक
फिर बालव, 20:15 तक
फिर कौलव, 15 नवंबर, 07:28 तक
वार
रविवार

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:42
सूर्यास्त17:28
चंद्रोदय17:23
चंद्रास्त06:47
सूर्य राशितुला
चंद्र राशिमेष, 13:42; फिर वृषभ, 16 नवंबर, 17:23 तक तक

हिंदू पंचांग

पक्षशुक्ल
मास (अमांत)कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2084
शक संवत1949 · प्लवंग

शुभ और अशुभ समय

राहु काल16:07 – 17:28
यमगंड12:05 – 13:26
गुलिक काल14:46 – 16:07
अभिजित मुहूर्त11:43 – 12:26

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।

दिन का चौघड़िया

उद्वेग06:42 – 08:03त्यागें
चर08:03 – 09:23सम
लाभ09:23 – 10:44शुभ
अमृत10:44 – 12:05शुभ
काल12:05 – 13:26त्यागें
शुभ13:26 – 14:46शुभ
रोग14:46 – 16:07त्यागें
उद्वेग16:07 – 17:28त्यागें

रात का चौघड़िया

शुभ17:28 – 19:07शुभ
अमृत19:07 – 20:47शुभ
चर20:47 – 22:26सम
रोग22:26 – 00:05त्यागें
काल00:05 – 01:45त्यागें
लाभ01:45 – 03:24शुभ
उद्वेग03:24 – 05:03त्यागें
शुभ05:03 – 06:43शुभ

समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।